Saturday, 10 July 2021

अगर इस जॉब की बारीकियाँ समझ गये तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है

मीडिया उद्योग में प्रोडूसर एक निर्देशक की तरह होता है जो समाचार का निर्देशन करता है। एक एंकर प्रोडूसर के निर्देशन में काम करता है। आमतौर पर, प्रोडूसर एंकर के लिए स्क्रिप्ट लिखता है और बुलेटिन पूरा करना एंकर के साथ साथ इनकी भी ज़िम्मेदारी होती है। बुलेटिन को उत्पादकों के साथ बांटा गया है। इस ब्लॉग में, हम न्यूज प्रोड्यूसर के बारे में जानेंगे, कुछ बेहतरीन कॉलेज और इंडस्ट्री में अपना करियर शुरू करने का तरीका देखेंगे:-



·  एक टीवी प्रोडूसर क्या-क्या करता है?

·  टीवी स्क्रिप्ट को लिखना, एडिट करना और सही ढंग से ओर्गनइजे करना प्रोडूसर की ही जिएदारी होती है

·  वीडियो एडिटर के साथ बैठक्र ये निर्धारित करना कि कौन सा शॉट बेहतर है या कौन सा नहीं।

·  दिन भर की ख़बरों को एकत्रित करना

·  कौन सा कंटेंट ऑन एयर जाना चाहिए और कौन सा कंटेंट ऑन एयर नहीं जाना चाहिए, न्यूज़ डायरेक्टर के साथ बैठकर इसका निर्धारण करना।

·  स्टोरी को इफेक्टिव बनाने के नए तरीके ईजाद करना।


तो ये थे वो मुख्य काम जो एक टीवी न्यूज़ प्रोडूसर को करने ही होते हैं, अगर वो किसी मीडिया संस्थान में काम कर रहा है।

शुरू कहाँ से करें?

सबसे पहले, आपको किसी भी सर्वश्रेष्ठ पत्रकारिता संस्थान (BestMass Communication College) में प्रवेश लेना होगा। किसी के पास शुरू से ही ये कौशल नहीं होता है। यह उस कॉलेज की जिम्मेदारी है जिसमें आप अपने बोर्ड की परीक्षा के बाद अध्ययन करेंगे। कॉलेज सबसे अच्छा मास कम्युनिकेशन कॉलेज (BestJournalism institute) होना चाहिए ताकि वे आपको प्रोड्यूसर की मूल बातें सिखा सकें। कुछ सर्वश्रेष्ठ मास मीडिया संस्थान आपके अध्ययन के पूरा होने के बाद या आपके पाठ्यक्रम के अंतिम सेमेस्टर के दौरान भी इंटर्नशिप प्रदान करते हैं। इसलिए, अपने कॉलेज को चुनने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। तो, आइए हम दिल्ली के कुछ सर्वश्रेष्ठ जन संचार संस्थानों (Premier mass media institutes) पर नज़र डालते हैं:-
 

·  इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन, दिल्ली

·  ईयान स्कूल ऑफ़ मास कम्युनिकेशन, नई दिल्ली (IAAN School Of Mass Communication)

·  माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता व संचार विश्वविद्यालय, नॉएडा

·  मास मीडिया रिसर्च सेंटर, जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली 


मास कम्युनिकेशन में एडमिशन लेते समय, आपको सबसे अच्छा मीडिया कॉलेज (Best mass media Institutes) चुनना होगा ताकि आपकी डिग्री योग्य हो। प्रवेश के लिए दिल्ली या भारत के शीर्ष मीडिया कॉलेजों (Best Mass media institutes in Delhi) की खोज करते समय IAAN स्कूल ऑफ़ मास कम्युनिकेशन भी आपकी पसंद हो सकता है।

तनख्वाह कितनी मिलेगी?
आप शुरू से ही बहुत अच्छे वेतन की उम्मीद कर सकते हैं। छोटे मीडिया हाउस अपने कर्मचारियों को बहुत कम वेतन देते हैं। यदि आप एक अच्छे और प्रतिष्ठित मीडिया हाउस से अपना करियर शुरू कर रहे हैं, तो आप अपनी पढ़ाई पूरी होने के बाद प्रति माह 15-20 हजार की उम्मीद कर सकते हैं। यह अनुभव के साथ बढ़ता जाता है।

 

बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं
अफजाल अशरफ कमाल
IAAN

Wednesday, 7 July 2021

समाज में सोशल मीडिया का योगदान कितना है

पिछले कुछ सालों में मीडिया ने खुद को बहुत विस्तार दिया है। आज हर किसी के पास किसी ना किसी तरह से मीडिया का एक्सेस है। चाहे मोबाइल के रूप में, टीवी के रूप में, लैपटॉप, रेडियो, अखबार इत्यादि के रूप में, किसी ना किसी रूप में हम सब मीडिया का ना सिर्फ इस्तेमाल कर रहे हैं बल्कि वो हमारे जीवनचर्या का हिस्सा भी बन चुका है। हम सुबह उठते ही मोबाइल में नोटोफिकेशन चेक करते हैं, ये दिखाता है कि हम कितना निर्भर हो चुके हैं।


क्या ये निर्भरता अच्छी है? क्या ये निर्भरता बुरी है? क्या हमें इसके बारे में सोचना चाहिए? जैसे हर सिक्के के दो पहलू होते हैं ठीक उसी तरह से इसे भी हम दो तरह से देख सकते हैं। गलत इस्तेमाल अगर किया जाए या सिर्फ टाइमपास का माध्यम बना  दिया जाए तो ये भविष्य के लिए बेहद घातक होगा। लेकिन अगर आप इन माधमों का इस्तेमाल खुद को देश दुनिया से कनेक्ट रखने के लिए करते हैं तो ये बेहतरीन है। यही नहीं आप अपने इस शौक को पैसा कमाने का साधन भी बना सकते हैं। देश के किसी best media college में एडमिशन लेकर आप इस क्षेत्र की बारीकी समझ सकते हैं। और फैसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर इत्यादि की बेहतर समझ विकसित कर आप किसी बेहतरीन संस्थान में काम भी कर सकते हैं।


यहां आपकी जिम्मेदारी कई तरीको की हो सकती है। हर तरीके से आप समाज में किसी ना किसी रूप में योगदान देंगे। चाहे फेक न्यूज को फैलने से रोकना हो, फैक्ट चेक करना हो, किसी संस्थान के डिजिटल विंग में काम करते हुए उनकी सोशल मिडिया रीच बढ़ानी हो, आप इन चीजों में निपुण हो जाएंगे। कोई भी best media school आपको ये चीजें सिखाएगा। उनके फैकल्टीज और इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से आप इस क्षेत्र के प्रोफेशनल बन पाएंगे। 

आप बारहवीं के बाद से ही डिग्री या डिप्लोमा ले सकते हैं। दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में स्थित IAAN School of Mass Communication इस क्षेत्र में डिग्री और डिप्लोमा के साथ-साथ सर्टिफिकेट कोर्सेज भी कराते हैं। अगर आप कोई बेहतरीन मीडिया कॉलेज ढूंढ रहे हैं तो ये आपका एक विकल्प हो सकता है।


बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं
अफजाल अशरफ कमाल

Tuesday, 6 July 2021

Must have skills for a Video Editor

In today's blog, we are going to talk about VIDEO EDITORS. In this blog, we will get to know that how you can become a video editor, what you can expect as a salary while working as a video editor. In the last, as a bonus, you will get to know about some best media schools in Delhi.

 


Let us start with the definition of a video editor, Video Editor is one who organizes the small video clips in a systematic order along with adding extra effects, BGM (Background Music). While reading this you must be thinking that it is quite an easy task, but it isn't. To Edit videos professionally, you must have to learn some professional video editing tools i.e., Premiere Pro, Final Cut Pro aka FCP, etc., You can make yourself an expert in these tools by getting admission to one of the best media college. That college will help you in growing. Experienced faculty will teach you about each and every minute detail of video editing. 

 To pursue a career in Video Editing, the basic thing is studying for a course, degree, or diploma from the top10 media institute of Delhi. While seeking admission in mass communication, you must choose a government-approvedmedia college so that your degree will be worthy. IAAN Schoolof Mass Communication could also be your choice while seeking admission to the top best media colleges in Delhi or India.

 So start working on your skills right from today. As much as you will practice, more perfection will reflect in your work. Colleges will help you in showing the right path but it is you only who have to cover the journey through that path. Youtube and some online portals will also help you to understand the basics of video editing, you can check that as well.

 When you are passionate about something, the fire within you ignites all the time. Whether it's a weekend or a big holiday, you keep working on your skills. It has been observed in the mass communication industry that employees often have to work long hours and even on holidays. Thus, get yourself accustomed to this type of routine to excel in the industry of video editing. This practice will give you the ability to impress your future employers and get an excellent job in the mass communication industry.


 

All the best

Afzaal Ashraf Kamaal
IAAN

 

Monday, 5 July 2021

इस क्षेत्र के बारे में जानना और समझना मीडिया छात्रों के लिए बेहद ज़रूरी!

क्या आपको पता है कि बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां अपने प्रोडक्ट को किस तरह से प्रमोट करती हैं?, कैसे अपनी इमेज को बेहतर बनती हैं?, कैसे कोई सेलिब्रिटी किसी स्कैंडल में फंसने के बावजूद लोगों की आँख का सितारा बना रहता है?, ऐसे तमाम सवालों का एक ही जवाब है और वो है 'पब्लिक रिलेशन।' पब्लिक रिलेशन्स मास कम्युनिकेशन के सबसे अधिक विकसित और विकासशील क्षेत्रों में से एक है। यह मास कम्यूनिकेशन के छात्रों के लिए सर्वश्रेष्ठ करियर विकल्पों में से एक बन रहा है। कोई भी अपना कैरियर पीआर में बना सकता है और उद्योग के मानकों के अनुसार अच्छा वेतन भी पा सकता है। यदि आपको इस क्षेत्र के बारे में जानकारी नहीं है, आपको नहीं पता कि पब्लिक रिलेशन क्या होता है, कैसे कोई भी एक व्यक्ति इस क्षेत्र में अपना करियर बना सकता है, तो यह ब्लॉग विशेष रूप से आपके लिए ही है।

पीआर के बारे में सब कुछ जानने से पहले, यह जानना आवश्यक है कि पीआर का क्या अर्थ है। विकिपीडिया के अनुसार, जनसंपर्क एक व्यक्ति या एक संगठन और जनता के बीच सचेत रूप से प्रसार जानकारी के प्रबंधन का अभ्यास है। PR का मतलब एक व्यक्ति या आर्गेनाइजेशन के बारे में पॉजिटिव इमेज बनाने से है और उनके लिए कैम्पेनिंग और प्रोग्राम इत्यादि सफल करना होता है।

 पीआर के नौकरी विवरण में कंपनी की सार्वजनिक छवि बनाना, नए संपर्क बनाना, जो वित्तीय दृष्टिकोण के लिए उपयोग किए जा सकते हैं, आदि, आइए इन बिंदुओं पर एक नज़र डालें, जिसमें एक पीआर विशेषज्ञ द्वारा किए जाने वाले कार्य शामिल हैं:

  • पब्लिक स्ट्रेटेजी बनाना
  • कैंपेन मैनेजमेंट
  • प्रेस रिलीज़ राइटिंग
  • प्रेस मैनेजमेंट
  • इमेज बिल्डिंग
  • प्रेजेंटेशन
कोई भी अच्छा मास कम्युनिकेशन कॉलेज (Best Media College), जिसमें आप पढ़ रहे हैं, आपको अपने कौशल को विकसित करने में मदद करता है जिसकी पीआर इंडस्ट्री में आवश्यकता होगी। इसके लिए, सबसे पहले आपको देश के किसी प्रीमियर मास मीडिया इंस्टिट्यूट (Premier Mass Media Institute) में एडमिशन लेना होगा। कोई भी अच्छा मास कम्युनिकेशन (Best Media School) का कॉलेज बेसिक चीज़ें तो बताता ही है। प्रवेश के लिए दिल्ली या भारत के शीर्ष मीडिया कॉलेजों (Best Mass Communication institute of Delhi) की खोज करते समय IAAN स्कूल ऑफ़ मास कम्युनिकेशन भी आपकी पसंद हो सकता है।

 
अग्रिम भविष्य के लिए शुभकामनाएं
अफ़ज़ाल अशरफ कमाल

Thursday, 1 July 2021

शेयर मार्केट को ऐसे समझते हैं रिपोर्टर

क्या आपने कभी सोचा है सेंसेक्स निफ्टी शेयर बाज़ार की खबरें जो इतनी जटिल होती हैं उन्हें कौन आप तक पहुंचाता है। अखबारों में, इंटरनेट पर या फिर टीवी में अक्सर आप देखते होंगे कि बेहद ही सरल भाषा में बाज़ार कि खबरों को समझाया जा रहा होता है। लेकिन ये कौन लोग होते हैं, कहां से आते हैं ये लोग। क्या बिजनेस की खबरों को समझने की अलग पढ़ाई होती है? वो कौन सा कोर्स होता है? अक्सर आपके दिमाग में ये सवाल कौंधता होगा। कई बार आपको कोई मिल जाता होगा जिससे आप पूछ सकें और कई बार आपका संकोच आपको पूछने नहीं देता होगा।

 आज इस ब्लॉग में हम ये जानेंगे कि बाजार की खबरें लिखने वाले लोगों को पढ़ाई कहां होती है? कैसे होती है और आप कैसे उन लोगों की फेहरि


स्त में शामिल हो सकते हैं। सबसे पहले ये देखते हैं कि अगर आपको एक बिजनेस बीट का पत्रकार बनना है तो आपके पास कौन कौन से बेसिक स्किल्स होने चाहिए।

 v  वाणिज्य की समझ

 v  एक्टिव लिस्टनर

 v  कॉन्टेक्ट

 v  प्रॉब्लम सॉल्वर


 आपका पूरा भविष्य आप कहाँ एडमिशन लेते हैं इस बात पर निर्भर करता है। एडमिशन लेते समय ध्यान रखें कि कॉलेज कैसा है, कॉलेज की फैकल्टी कैसी है और वहां का इंफ्रास्ट्रक्चर कैसा है। प्लेसमेंट का भी ध्यान रखें बेहद ज़रूरी होता है। आइये आपको देश के कुछ बेस्ट मास कम्युनिकेशन संस्थानों (Top Best Mass media Institutes) के बारे में बताते हैं।

 v  भारतीय जन संचार संस्थान (Indian Institute of Mass Communication)

 v  इआन स्कूल ऑफ़ मास कम्युनिकेशन (IAAN School of Mass Communication)

 v  A.J.K. Mass Communication Research Centre (JMI)

 v  Xavier’s School of Communication

 .. इत्यादि।

 उपर्युक्य उल्लेखित कॉलेज आपको बिज़नस रिपोर्टिंग कि दुनिया में जाने का मौका देंगे. वे आपको आपकी पढाई के दौरान इस खेत्र की बारीकियों को बेहद बारीकी से समझायेंगे. आपको एडमिशन से पहले बेहद ही सावधानी से कॉलेज का चयन करना होगा. कॉलेज के चयन के वक़्त इस बात का भी ध्यान रखिये कि उस कॉलेज के कितने अलुमिनी पहले से उस क्षेत्र में हैं. तो एडमिशन लेते समय इन ख़ास बातों का ख्याल रखे और देश के बेहतरीन मीडिया संस्थान(Best Media College) और बेहतरीन कोर्स में एडमिशन लेकर अपने भविष्य को उज्जवल बनाइये।

 भविष्य के लिए शुभकामनाएं,

अफ़ज़ाल अशरफ कमाल

इयान

 

Friday, 18 June 2021

Reporter vs Stringer: Who are the best?

 Have you ever heard the term stringers?, Do you know how they work? How they are hired? I am sure that you must have heard about them but it is possible that you know very little about them. In this blog, we will get to know about them and we will also try to differentiate between a stringer and a reporter.

 


Let us start with stringers, stringers are those who are associated with multiple organizations at a time. They are a kind of reporter who reports news on a commission basis. He/She gets paid as per the news individually whereas reporters or correspondents are associated with an organization and their salary is fixed. One can be a stringer even without any degree from the bestmedia school but a degree/diploma in journalism and masscommunication is a must for a reporter.

 As stringers are freelancers, they do not receive any regular/fixed salary and the amount and type of work are typically voluntary and it fluctuates as well. However, stringers often have an ongoing relationship with one or more news organizations, to which they provide content on particular topics or locations when the opportunities arise.

 Previously, they were paid on 'per inch text published' basis but with the time it changed and now they are being paid as per the news/content. They also earn through 'commission-based advertisement', they collect some local advertisements for newspaper and in the return newspaper organizations pay them a fixed commission per advertisement. Many of the stringers are not full time but they are doing it in their leisure time. Parallelly they run a business or shop or anything else.

 Now, you must be thinking about how they are hired. Let us move to this question now. They are not hired but they contact the news organizations that they want to be 'stringer' for them. As this is a win-win situation for any organization, they don't hesitate in hiring them. I said this win-win situation because they don't have to pay them for free. They have to pay them only when news/content will be brought to their table. So it is a win-win situation, isn't it?

 Whereas reporters study in one of the best media college, they do some internships, then they get placed in some organization with a fixed salary. Nowadays, the culture of the best online media college is also on-trend. So they can do their study from the comfort of their home as well. If you will ask my opinion, I would suggest to go for being a reporter rather than being a stringer. The career of stringers are very uncertain but the reporters' career is too much stable

 

 

All the Best,

Afzaal Ashraf Kamaal

IAAN

 

Thursday, 17 June 2021

कितना कमाते हैं NEWS ANCHORS?

 

आप अक्सर सोचते होंगे कि ये चमक-धमक वाले न्यूज़ प्रस्तोता आख़िर कमाते कितना होंगे? आप सोचते होंगे कि कितनी शानदार होती है ना इनकी लाइफ़ कि सूट-बूट चढ़ाओ, कैमरा पर आओ, बहस कराओ या खबरें पढ़ो और घर चले जाओ। ऐसा नहीं है। इन्होंने इस स्तर पर पहुँचने के लिए बेहद संघर्ष किया है। किसी भी बड़े चैनल के प्राइम टाइम एंकर की कहानी संघर्षों से भरी है। चाहे अंजना ओम कश्यप हों, श्वेता सिंह, रजत शर्मा या रविश कुमार सबने इस मुक़ाम को पाने के लिए बेहद नीचे से शुरुआत की। ये भी किसी best media college से पढ़े होंगे फिर कहीं इंटर्नशिप की, फिर डेस्क जॉब या रिपोर्टिंग और धीरे-धीरे कारवाँ बढ़ता गया और अपने अनुभवों के साथ वो यहाँ हैं।

आज इस ब्लॉग में जानेंगे कि कैसे आप एक एंकर बन सकते हैं, आपकी शुरुआती तनख़्वाह कितनी होगी, और कौन सी डिग्री एंकर बनने के लिए महत्वपूर्ण है। इस ब्लॉग के अंत में दिल्ली के कुछ best media school के बारे में भी जानेंगे। 

 


अगर आपने बारहवीं पास कर लिया है तो ही सबसे सटीक वक्त है इस बारे में सोचने का। आपको अभी से ही कूच बेसिक स्किल्स पर काम करना होगा। मिसाल के तौर पर आप अभी से ही अख़बार पढ़ने की आदत डालिए। रोज़ाना बोलने का अभ्यास कीजिए। अगर लोगों के सामने बहुत बोलने में हिचकिचाहट होती है तो शुरुआती दौर में आप आइने के सामने अभ्यास कर सकते हैं। आइने के सामने अभ्यास करने से आपने अंदर कॉन्फ़िडेन्स डेवलप होगा। अपने आसपास की समस्याओं पर नज़र रखिए और मौक़ा पड़ने पर अभी आवाज़ सभ्य तरीक़े से उठाइए। अब आप सोच रहे होंगे कि क्या मात्र इतना करने भर से आप एंकर बन जाएँगे? तो नहीं, ये मात्र शुरुआत है जिससे कॉलेज जाने के बाद आपको ज़्यादा समस्याओं का सामना नहीं करना होगा। कोई भी अच्छा mass communication college शुरुआत में आपको यही चीजें बताएगा।

 अब आप किसी भी ढंग के कॉलेज में अड्मिशन ले लीजिए। अड्मिशन लेते वक्त ये ध्यान रखिए कि वहाँ कौन लोग पढ़ाते हैं, किस यूनिवर्सिटी से सम्बद्धता है, प्रैक्टिकल लैब्स हैं या नहीं, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग होती है या नहीं। अगर आप दाख़िला लेते वक्त इन चीजों का ध्यान रखते हैं तो यक़ीन मानिए कि आप कॉलेज से ही इंटर्नशिप या जॉब लेकर निकलेंगे। शुरुआती वक्त में आपकी तनख़्वाह 25-30 हज़ार के बीच हो सकती है।

 अब अगर आप दिल्ली में मास कम्यूनिकेशन कॉलेज तलाश रहे हैं तो आप Jamia, IIMC या IAAN में दाख़िला ले सकते हैं।

 

 

All the Best,

Afzaal Ashraf Kamaal

IAAN